राजसमंद में भजन संध्या के दौरान राजनीतिक तनाव, छोटू सिंह रावणा का विरोध

राजसमंद में भजन संध्या के दौरान राजनीतिक तनाव, छोटू सिंह रावणा का विरोध

Political Tension During Bhajan Sandhya

Political Tension During Bhajan Sandhya

Political Tension During Bhajan Sandhya, शिव (बाड़मेर) से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और भजन गायक छोटू सिंह रावणा के बीच तकरार का असर पूरे प्रदेश में दिख रहा है. अब यह सियासी तकरार अब राजसमंद जिले तक पहुंच गई है. शनिवार (4 अप्रैल) देर रात जिले के मेंगटिया गांव में भजन संध्या कार्यक्रम में छोटू सिंह रावणा का विरोध हुआ. रात करीब 11:30 बजे जब छोटू सिंह रावणा भजन प्रस्तुति के लिए मंच पर पहुंचे, तभी स्थानीय युवाओं ने भाटी के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए. युवाओं ने छोटू सिंह रावणा के राजसमंद में कार्यक्रम करने का खुलकर विरोध भी जताया. नारेबाजी के कारण कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया.

"मेवाड़ में छोटू सिंह के कार्यक्रम का होगा विरोध"

ग्रामीणों और आयोजन समिति के सदस्यों ने समझाइश कर माहौल शांत कराने का प्रयास किया. करीब आधे घंटे तक चली हलचल के बाद रात करीब 12 बजे मामला शांत हुआ और भाटी समर्थक पीछे हट गए. भाटी समर्थकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि मेवाड़ क्षेत्र में जहां भी छोटू सिंह रावणा का कार्यक्रम होगा, वहां उनका विरोध किया जाएगा.

विवाद की जड़ भी समझिए 

दोनों के बीच विवाद तो विधानसभा चुनाव 2023 से ही जारी है. लेकिन ताजा विवाद पिछले महीने के एक घटनाक्रम से जुड़ा है. एक बच्चे की मदद से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट पर छोटू सिंह रावणा ने टिप्पणी की. उन्होंने आरोप लगाए कि इस पोस्ट से नाराज विधायक भाटी ने जान से मारने की धमकी दी है. विधायक भाटी ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि कुछ लोग झूठा नैरेटिव फैला रहे हैं और मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है.

इस घटना के बाद रावणा राजपूत समाज ने एकजुट होकर भाटी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और छोटू सिंह रावणा के लिए सुरक्षा की मांग की. प्रशासन ने छोटू सिंह रावणा की शिकायत पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.